जयपुर में आयोजित हुए19वें रोजगार मेले में केंद्रीय रेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान को लेकर कई बड़ी सौगातें दी जिससे युवाओं और उद्योग जगत दोनों को फायदा हुआ है राजस्थान को आने वाले समय में 200 नई ट्रेनें मिलना तय है, जबकि भारतीय रेलवे में फिलहाल 1 लाख 60 हजार 778 भर्तियों पर काम जारी है। बता दे देशभर में 36 हजार किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक बिछाए जा रहे हैं, जिससे रेलवे नेटवर्क के अलावा रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे। आयोजित कार्यक्रम में जयपुर सहित देशभर के 47 शहरों में रोजगार मेलों का आयोजन हुआ... जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान संबोधित किया। जयपुर में विभिन्न केंद्रीय विभागों में चयनित 420 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। साथ ही केंद्रीय रेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने युवाओं को संबोधित किया और कहा कि आज नौकरी शुरू करने वाले युवा ही 2047 तक विकसित भारत की तस्वीर तय कर पाएंगे और आने वाले समय में देश की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरेंगे उन्होंने बताया कि रेलवे में अब वार्षिक भर्ती कैलेंडर लागू किया गया है, जिसके तहत हर साल चार चरणों में तय समय पर नोटिफिकेशन जारी किए जाते हैं, ताकि युवाओं को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके और भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ हो सके। इसके साथ ही राजस्थान को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बनाने की दिशा में भी सरकार तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित ‘स्टेकहोल्डर डायलॉग ऑन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर्स सेक्टर्स’ कार्यक्रम में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अब तक बेंगलुरु, हैदराबाद और कोयंबटूर जैसे शहरों में सेमीकंडक्टर यूनिट्स स्थापित किये जा चुके है लेकिन आने वाले समय में राजस्थान भी इस सेक्टर का बड़ा केंद्र बन सकता है। अश्विनी वैष्णव ने निवेशकों से स्पष्ट लक्ष्य तय करने और राजस्थान में बड़े स्तर पर निवेश करने का आह्वान किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी अपने संबोधन में कहा कि आज सिम से लेकर स्पेस और मोबाइल से लेकर मिसाइल तक हर क्षेत्र में सेमीकंडक्टर चिप की अहम भूमिका है और राजस्थान इस सेक्टर में तेजी से आगे अग्रसर है। सीएम ने कहा कि भिवाड़ी में प्रदेश का पहला सेमीकंडक्टर क्लस्टर विकसित किया जा रहा है, जहां हर साल करीब 6 करोड़ चिप्स का उत्पादन किया जायेगा। अब तक 20 कंपनियों से 1200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव दिए जा चुके है... साथ ही सीएम ने ये साफ़ किया की राजस्थान का ‘ट्रिपल-एस फैक्टर’ यानी सिलिका, स्किल और सोलर राज्य को देश का अगला बड़ा सेमीकंडक्टर और इंडस्ट्रियल हब बनने की कगार पर है। वहीं जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र और कांकाणी को ‘सिलिकॉन वैली ऑफ राजस्थान’ के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है...जहां चिप डिजाइन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा। सरकार का दावा है कि इन प्रोजेक्ट्स के जरिए आने वाले वर्षों में राजस्थान में बड़े पैमाने पर रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास देखने को मिलेगा।
