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केरल में यूडीएफ की वापसी, तमिलनाडु में डीएमके का दम.. क्या दक्षिण में फेल होगा BJP का प्लान?

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केरल में यूडीएफ  की वापसी, तमिलनाडु में डीएमके का दम.. क्या दक्षिण में फेल होगा BJP का प्लान?

साल 2026 में देश के एक केंद्र शासित प्रदेश और चार राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इन चुनावों में दक्षिण भारत के दो बड़े और राजनीतिक रूप से अहम राज्यकेरल और तमिलनाडु सबसे अधिक चर्चा में हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि जहां उत्तर भारत में भारतीय जनता पार्टी मजबूत स्थिति में दिखाई देती है, वहीं दक्षिण भारत में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक है। ऐसे में 2026 के विधानसभा चुनाव दक्षिण भारत की राजनीति की दिशा तय करने वाले माने जा रहे हैं।केरल की 140 विधानसभा सीटों पर इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। राज्य में फिलहाल लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट की सरकार है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट विपक्ष की भूमिका में है। UDF गठबंधन में कांग्रेस के साथ इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और अन्य छोटे दल शामिल हैं।वर्तमान विधानसभा में UDF के पास करीब 41–42 सीटें हैं। इनमें से लगभग 21 सीटें कांग्रेस के पास हैं, जबकि मुस्लिम लीग के पास करीब 15 सीटें हैं। हाल ही में आए सर्वे के अनुसार, UDF को 32.7 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है, जबकि सत्ताधारी LDF को 29.3 प्रतिशत और NDA को 19.8 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई गई है। यानी UDF और LDF के बीच लगभग 4 प्रतिशत का अंतर दिखाई दे रहा है, जो बेहद करीबी मुकाबले का संकेत देता है।इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी का केरल दौरा चुनावी गतिविधियों को तेज करता दिखा। राहुल गांधी ने कहा कि केरल को केवल सत्ता परिवर्तन की नहीं, बल्कि एक ठोस विकास योजना की जरूरत है। उन्होंने बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि UDF सरकार का लक्ष्य केरल के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना होगा। इससे साफ है कि कांग्रेस केरल में आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटें हैं और यहां फिलहाल DMK की सरकार है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में DMK की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में DMK ने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में कांग्रेस को 25 सीटें मिली थीं, जिनमें से 18 पर उसने जीत दर्ज की थी, जो कांग्रेस के लिए शानदार प्रदर्शन था।2024 के लोकसभा चुनावों में भी DMK-कांग्रेस गठबंधन ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए राज्य की सभी 39 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की। इनमें DMK को 22 और कांग्रेस को 9 सीटें मिली थीं। इस सफलता ने गठबंधन को और मजबूत किया है।हालांकि, अभिनेता थलापति विजय द्वारा बनाई गई नई पार्टी TVK को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी 2026 में भी DMK के साथ ही गठबंधन में रहेगी। सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत अभी बाकी है, लेकिन माना जा रहा है कि इस बार कांग्रेस को पिछली बार से कुछ अधिक सीटें मिल सकती हैं।कुल मिलाकर, 2026 के विधानसभा चुनाव केरल और तमिलनाडु दोनों ही राज्यों में बेहद अहम साबित होने वाले हैं। केरल में जहां सत्ता परिवर्तन की संभावना बनती दिख रही है, वहीं तमिलनाडु में DMK-कांग्रेस गठबंधन एक बार फिर सत्ता बरकरार रखने की मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। इन चुनावों के नतीजे न सिर्फ दक्षिण भारत, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति और भविष्य के लोकसभा चुनावों पर भी गहरा असर डाल सकते हैं।