कबाड़ से किया कमाल छिंदवाड़ा ITI के छात्रों की ई बाइक
छिंदवाड़ा
रिपोर्ट-चंचलेश यदुवंशी
15 सालों तक बाइक या मोपेड चलाने के बाद किसी काम की नहीं होती. इन्हें या तो कबाड़ में बेच दिया जाता है या घर के किसी कोने में कचरा बनकर पड़ी रहती हैं. इसी कबाड़ को मॉडिफाई कर गवर्नमेंट ग्रीन आईटीआई के छात्रों ने ई-बाइक में कन्वर्ट कर दिया है, जो ना सिर्फ पर्यावरण को बचा रही है बल्कि हर दिन लगने वाला जेब खर्च भी बचाने का काम कर रही है.गवर्नमेंट ग्रीन आईटीआई के छात्रों ने लोकमत भारत को बताया कि लगातार महंगाई बढ़ रही है और पेट्रोल के दाम में इजाफा हो रहा है, जिसके चलते काफी ज्यादा खर्च हो जाता है. इसके साथ ही ईंधन जलने से पर्यावरण का प्रदूषण हो रहा है जिसका नतीजा भीषण गर्मी के रूप में हमें देखने को मिल रहा है.इसी के चलते उन्होंने सोचा कि घर की ऐसी मोपेड और बाइक जो अब किसी काम की नहीं है, उन्हें मॉडिफाई किया जाए. इसके बाद फिर उन्होंने बाजार से कुछ जरूरी सामान जैसे बैटरी और बाइक में लगने वाली मोटर खरीदी और इसे प्रयोग के तौर बनाना शुरू किया. शहर में चलने के लिए यह काफी उपयोगी साबित हो रही है. एक बार चार्ज करने पर प्रतिदिन 50 से 60 किलोमीटर बाइक और मोपेड आसानी से चल जाती है.शासकीय ग्रीन आईटीआई छिंदवाड़ा के प्रशिक्षण अधिकारी संदीप कुमार जैन ने बताया, "उनके पास 1999 की पुरानी बाइक थी, जो घर में कबाड़ बनकर रखी थी. करीब 7 साल पहले उन्होंने उसे इलेक्ट्रिक बाइक में कन्वर्ट करने का सोचा था और फिर कुछ सामान बाजार से लाकर उसे बनाया. पिछले 7 सालों से वे लगातार उसे चला रहे हैं, जिससे पर्यावरण भी सुरक्षित है और उन्हें आर्थिक बचत भी हो रही है.बाजार में इलेक्ट्रिक मोपेड के कई मॉडल देखने को मिल जाते हैं लेकिन बाइक बहुत कम मिलती हैं. प्रशिक्षण अधिकारी संदीप कुमार जैन ने बताया, "अगर बाइक बाजार में मिले तो 1 लाख रुपए से ज्यादा कीमत की होगी लेकिन कबाड़ के जुगाड़ से जो बाइक उन्होंने बनाई है उसमें करीब 40 हजार की लागत आई है. इसे बैटरी की कैपेसिटी बढ़कर ज्यादा दूरी तक चलने के लिए भी बनाया जा सकता है."उन्होंने कहा कि "जहां एक ओर पुराने और अनुपयोगी वाहन कबाड़ बनकर बेकार हो जाते हैं, वहीं जिले के विद्यार्थियों ने अपनी तकनीकी दक्षता और नवाचारी सोच से उन्हें नई पहचान दी है. पुरानी पेट्रोल गाड़ी को इलेक्ट्रिक व्हीकल में परिवर्तित कर वेस्ट टू बेस्ट का प्रेरक एवं अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है.







