मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनसंवाद को पहुंचाया गांव-गांव तक
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रतापगढ़ के बम्बोरी, सीकर के जाजोद, अजमेर के कड़ैल, जालोर के पंसेरी, जयपुर के ठिकरिया, बांसवाड़ा के चुड़ादा एवं डूंगरपुर के धम्बोला गांव में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इन चौपालों में उन्होंने महिला, किसान, पशुपालक और युवाओं से बातचीत कर गांवों की वास्तविक स्थिति को जाना। साथ ही, उन्होंने केन्द्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री की इस जनसंवाद की अनूठी पहल से ग्रामीणों का डबल इंजन सरकार के कार्यों के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री ने सात जिलों में जाकर देर रात तक ग्रामीणों से खेती-किसानी, पशुपालन और रोजगार जैसे अनेक विषयों पर बातचीत की तथा उनकी आवश्यकताओं को समझा। उन्होंने गांव में रात्रि विश्राम के बाद सुबह-सुबह घूमकर आमजन से रामा-श्यामा की तथा सड़क, शिक्षा, चिकित्सा, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का फीडबैक लिया। उन्होंने अधिकारियों को गांवों के विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील कार्यशैली से गांवों के विकास को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री से ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों ने जैविक एवं आधुनिक खेती और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर आमदनी बढ़ाने तथा महिलाओं ने राजीविका से जुड़कर उनके जीवन में आए आर्थिक बदलाव के अनुभव साझा किए। युवाओं ने पेपरलीक पर अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि प्रदेश में अब भर्ती परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता से आयोजित हो रही हैं, जिससे उनका सरकारी नौकरी पाने का सपना साकार हो रहा है। संवाद में पशुपालकों ने भी मोबाइल वेटरनरी यूनिट, मंगला पशु बीमा योजना एवं दूग्ध उत्पादक संबल जैसी योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया।मुख्यमंत्री ने सीकर के जाजोद गांव में खिलाड़ियों की मांग पर खण्डेला में खेल स्टेडियम खोलने की घोषणा की। उन्होंने बालिकाओं की स्कूल में विज्ञान संकाय की मांग को सुबह-सुबह आदेश जारी करवाकर पूरा किया। वहीं, प्रातः भ्रमण के दौरान एक वीरांगना की भावनात्मक अपील पर भीलवाड़ा में कार्यरत उनके पुत्र की प्रतिनियुक्ति के आदेश तत्काल प्रभाव से जारी करवाए। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने पुष्कर के कडै़ल गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत करने की घोषणा की। साथ ही, परिवहन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त बस संचालन सुनिश्चित करने तथा बालिका विद्यालय की चारदीवारी निर्माण के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने जालोर के पंसेरी गांव की चौहटा (गांव की चौपाल का मुख्य केंद्र) पर ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर जिला कलक्टर को विभिन्न सड़कों के उन्नयन की कार्ययोजना बनाने, खेल स्टेडियम की जमीन का चिन्हीकरण करने, एनीकट निर्माण की व्यवहार्यता रिपोर्ट बनाने, सब्जी मंडी निर्माण की कार्ययोजना बनाने एवं पशु चिकित्सालय के लिए जमीन आवंटन के कार्य को गति प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने डूंगरपुर के धम्बोला गांव में जिला प्रशासन को तालाब पर विकास कार्यों के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर खेल सुविधाओं के विस्तार एवं राजकीय विद्यालय में कक्षा-कक्षों के निर्माण के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देशित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने बांसवाड़ा और डूंगरपुर में जिला प्रशासन की बैठक लेकर कृषि, पर्यटन, शिक्षा, चिकित्सा, बिजली, पानी सहित आधारभूत सुविधाओं के संबंध में दिशा-निर्देश दिए।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने गांव, गरीब, किसान, महिला और युवा को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के संकल्प के साथ ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को जनसंवाद और सुशासन का प्रभावी माध्यम बनाया है। मुख्यमंत्री चौपालों के जरिए गांवों तक पहुंचकर आमजन की समस्याएं सुन रहे हैं, योजनाओं की जमीनी हकीकत परख रहे हैं और अधिकारियों को मौके पर ही विकास कार्यों के निर्देश दे रहे हैं। मुख्यमंत्री की यह अनूठी पहल केवल जनसंवाद ही नहीं, बल्कि विकसित राजस्थान के निर्माण के लिए गांवों को आत्मनिर्भर और सहभागी बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है।







