ब्यावर जिला कारागृह में मनाया विश्व योग दिवस
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के एक्शन प्लान के तहत जिला कारागृह में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और अंतर्राष्ट्रीय संगीत दिवस का संयुक्त आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष हारून और सचिव सोनल पारीख के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने न केवल योग की विभिन्न क्रियाएं सीखीं, बल्कि संगीत की धुन पर गीत भी गुनगुनाए। कार्यक्रम में श्री कृष्ण योग मंच के संस्थापक और पतंजलि तहसील प्रभारी आनंद कुमावत ने बंदियों को अनुलोम.विलोम, सूर्य नमस्कार, भस्त्रिका, कपालभाति, हास्यासन, ताड़ासन, त्रिकोणासन, कटिचक्रासन, वृक्षासन और भ्रामरी जैसे प्राणायाम व आसन करवाए। उन्होंने कहा कि जेल के माहौल से विचलित हुए बिना यदि बंदी नियमित योग करें, तो वे हर प्रकार के मानसिक और शारीरिक तनाव से मुक्त हो सकते हैं। उनके सहयोगी विष्णु कुमावत ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नियमित योग से मधुमेह, अस्थमा और रक्तचाप जैसी बीमारियों में लाभ मिलता है, यहाँ तक कि आँखों का चश्मा भी उतर जाता है। इस मौके पर पैरालीगल वॉलंटियर पीएलवी संजय सिंह गहलोत ने संगीत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मधुर और कर्णप्रिय संगीत मानसिक तनाव को दूर करता है और असाध्य रोगों से मुक्ति दिलाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि तेज और कानफोड़ू संगीत से बचना चाहिए, क्योंकि इससे कान के रोगों के साथ.साथ अस्थमा और रक्तचाप बढ़ने का खतरा रहता है। उन्होंने उदाहरण दिया कि गौशालाओं में भी धीमा संगीत बजाने से गायों के स्वास्थ्य में सुधार और दूध की मात्रा में वृद्धि देखी गई है। संगीत दिवस के मौके पर पीएलवी संजय सिंह गहलोत ने जैसे ही प्रेरणास्पद गीत ज़िंदगी एक सफ़र है सुहाना शुरू किया, जेल का माहौल सकारात्मकता से भर गया। बैरकों में मौजूद सभी बंदियों ने एक साथ सुर में सुर मिलाकर इस गीत को गुनगुनाया और मानसिक शांति व खुशी का अनुभव किया। इस अनूठे और सकारात्मक आयोजन की जिला कारागृह की उपाधीक्षक कोमल पुरोहित, जेलर धारा सिंह, जसराज गुर्जर, हेड कांस्टेबल प्रताप सिंह, नारायण और कांस्टेबल धर्मेंद्र, दिलीप, प्रेमराज, रवि, मनोज कुमार व अजय सहित पूरे स्टाफ ने सराहना की। जेल प्रशासन ने इस तरह के सुधारात्मक आयोजनों को समय.समय पर दोबारा आयोजित करने की मांग करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।

