अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर इन्दौर संभाग के ओंकारेश्वर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सिकल सेल उन्मूलन को देश की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चुनौती बताते हुए कहा कि इसके समाधान के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिशन मोड में कार्य कर रही हैं। उन्होंने इस आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह सार्थक अभियान आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विशेष रूप से मौजूद थे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल, उच्च शिक्षा मंत्री  इन्दर सिंह परमार, जनजातीय कल्याण मंत्री डॉ. विजय शाह, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री  नरेन्द्र शिवाजी पटेल भी मौजूद थे। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल - एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने राज्य सरकार की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मध्यप्रदेश के शहडोल से इस राष्ट्रीय मिशन की शुरुआत की गई थी और निर्धारित समय से पहले स्क्रीनिंग का लक्ष्य पूरा होना बड़ी उपलब्धि है। देश में नवजात शिशुओं से लेकर 40 वर्ष तक की आयु वर्ग के करोड़ों लोगों की स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है, जो विश्व स्तर पर आनुवांशिक रोगों की जांच की सबसे बड़ी पहलों में शामिल है। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि मध्यप्रदेश का इसमें विशेष योगदान है। प्रदेश में करोड़ों लोगों की स्क्रीनिंग के साथ उन्हें जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड भी प्रदान किए गए हैं।राष्ट्रपति ने कहा कि सिकल सेल को केवल स्वास्थ्य समस्या के रूप में नहीं देखा जा सकता, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता, आनुवांशिक परामर्श और व्यवहार परिवर्तन से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों से पहली बार इस प्रकार का समग्र मिशन प्रारंभ किया गया है।उन्होंने कहा कि सिकल सेल का सर्वाधिक प्रभाव जनजातीय समुदायों पर पड़ता है और देश के 17 राज्यों में यह अभियान चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश और उड़ीसा जैसे राज्यों में इसके प्रभाव को देखते हुए व्यापक स्क्रीनिंग और परामर्श की व्यवस्था की गई है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मुने कहा कि मध्यप्रदेश में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और जनजातीय विद्यार्थियों के लिए विशेष जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने “सिकल मित्र” पहल की भी सराहना की, जिसके माध्यम से जागरूकता, परामर्श और उपचार सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शिरोमणि आदि शंकराचार्य की तपोभूमि और जननायक टंट्या मामा की कर्मस्थली पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाकर इस गंभीर बीमारी की रोकथाम की दिशा में देश और प्रदेश मिलकर कार्य कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान आने वाली पीढ़ियों को सिकल सेल जैसी घातक बीमारी से बचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी का प्रभाव केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार और कई पीढ़ियां इसकी पीड़ा झेलती हैं। इसलिए इसे रोकना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति मुर्मु की उपस्थिति को प्रेरणादायी बताते हुए उनका अभिनंदन किया और कहा कि उनके सान्निध्य में यह संकल्प और अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2023 में शहडोल से शुरू किए गए राष्ट्रीय सिकल सेल मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि आज यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।