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छिंदवाड़ा में नर्सिंग कॉलेज की बड़ी धोखाधड़ी

मध्य प्रदेश
छिंदवाड़ा में नर्सिंग कॉलेज की बड़ी धोखाधड़ी

छिंदवाड़ा से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ काराबोह स्थित 'SAK मेमोरियल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग साइंस' पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और भारी धोखाधड़ी का आरोप लगा है। पीड़ित छात्र-छात्राओं ने इकट्ठा होकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।बिना मान्यता के एडमिशन: शिकायत के अनुसार, शैक्षणिक वर्ष 2022-23 में इस नर्सिंग कॉलेज के पास शासन द्वारा शिक्षण मान्यता नहीं थी। इसके बावजूद कॉलेज प्रबंधन ने छात्रों और उनके परिजनों से झूठ बोलकर धोखे से एडमिशन ले लिया।एडमिशन के वक्त छात्रों के सभी असली दस्तावेज (जैसे टी.सी., माइग्रेशन आदि) जमा करा लिए गए और फीस के नाम पर भारी-भरकम राशि वसूली गई।परीक्षा से वंचित रखना: शुरुआत के 2 साल तक विश्वविद्यालय द्वारा नर्सिंग की परीक्षाएं आयोजित नहीं की गईं। इसके बाद, वर्ष 2025 में जब परीक्षा का समय आया, तब भी कॉलेज प्रबंधन ने न तो छात्रों का यूनिवर्सिटी में नामांकन फॉर्म भरवाया और न ही परीक्षा फॉर्म जमा कराया।जब पीड़ित छात्रों ने अन्य कॉलेजों में परीक्षा होने की बात कहकर प्रबंधन से सवाल किया, तो उन्हें गुमराह करते हुए आश्वासन दिया गया कि "50 दिनों के भीतर विशेष रूप से परीक्षा का आयोजन कराया जाएगा।" हालांकि, आज दिनांक तक कोई परीक्षा नहीं हुई।पिछले 4 सालों से कॉलेज के झूठे वादों के जाल में फंसे इन छात्र-छात्राओं का भविष्य अब पूरी तरह अंधकार में नजर आ रहा है। मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान झेल रहे इन युवाओं ने अब छिंदवाड़ा पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि धोखाधड़ी करने वाले कॉलेज प्रबंधन पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए और उनके करियर, समय व पैसों की बर्बादी का हिसाब कर न्याय दिलाया जाए।धोखाधड़ी करने वाले संस्थान पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो, तथा बच्चों के होस्टल, भोजन, परिवहन एवं मानसिक क्षति की भरपाई करवाई जाए।

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