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बीकानेर में प्रसूताओं की मौत पर मचा हंगामा, चिकित्सा मंत्री की बैठक के बाहर कांग्रेस-पुलिस में झड़प

बीकानेर संभाग
बीकानेर में प्रसूताओं की मौत पर मचा हंगामा, चिकित्सा मंत्री की बैठक के बाहर कांग्रेस-पुलिस में झड़प

Bikaner PBM Hospital Case: बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और कथित चिकित्सा लापरवाही के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। गुरुवार को चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बीकानेर दौरे के दौरान अस्पताल और मेडिकल कॉलेज परिसर के बाहर जमकर हंगामा हुआ। यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली।

हालात का जायजा लेने बीकानेर पहुंचे मंत्री

मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर बीकानेर पहुंचे और एसपी मेडिकल कॉलेज में अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा, पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया समेत विभिन्न विभागों के प्रमुख मौजूद रहे।

बैठक में प्रसूताओं की अचानक बिगड़ी तबीयत, संक्रमण के संभावित कारणों और अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। साथ ही जोधपुर मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ टीम द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

मंत्री के दौरे से पहले अस्पताल में चला सफाई अभियान

चिकित्सा मंत्री के आगमन से पहले अस्पताल प्रशासन ने पूरे परिसर में विशेष सफाई अभियान चलाया। कई जगहों पर रंग-रोगन कराया गया, दीवारों पर लगे गंदगी और पान-गुटखे के निशान हटाए गए तथा गैलरियों को व्यवस्थित किया गया।

विशेष रूप से उस पोस्ट कोविड वार्ड के आसपास सफाई और व्यवस्था पर ध्यान दिया गया, जहां प्रभावित प्रसूताओं का इलाज चल रहा है। इसे लेकर विपक्ष ने प्रशासन पर दिखावटी व्यवस्थाएं करने का आरोप भी लगाया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, पुलिस ने रोका

प्रसूताओं की मौत और अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर यूथ कांग्रेस के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला और पीबीएम अस्पताल के बाहर धरना शुरू कर दिया। मंत्री के मेडिकल कॉलेज पहुंचने की सूचना मिलते ही प्रदर्शनकारी परिसर की ओर बढ़ने लगे।

स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने के लिए बल प्रयोग किया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष भंवर कूकना भी इस दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हो गए। महिला कार्यकर्ताओं ने भी परिसर में प्रवेश की कोशिश की, जिन्हें महिला पुलिसकर्मियों ने रोक दिया।

कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी रहे मौजूद

प्रदर्शन में देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल, पूर्व अध्यक्ष यशपाल गहलोत सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सूरतगढ़ की प्रीति नायक की हालत अब भी नाजुक

अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं में श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ की रहने वाली प्रीति नायक की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार संक्रमण के चलते अब तक उनका 13 बार डायलिसिस किया जा चुका है।

अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया उनकी स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। वहीं अन्य प्रभावित महिलाओं की हालत में सुधार बताया जा रहा है।

प्रीति के पति कमल नायक ने कहा कि वे चिकित्सा मंत्री से मिलकर अस्पताल की वास्तविक स्थिति से अवगत कराना चाहते हैं ताकि उनकी पत्नी को बेहतर इलाज मिल सके।

जांच और जवाबदेही की मांग तेज

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि अस्पताल में हुई गंभीर लापरवाही के कारण प्रसूताओं को किडनी संबंधी जटिलताओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत दवाओं की खरीद में कथित अनियमितताओं और पिछले कई महीनों से दवाओं की कमी का मुद्दा भी विरोध प्रदर्शन और समीक्षा बैठक का प्रमुख विषय रहा।

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