लोकेशन – बुरहानपुर
रिपोर्ट – गोपाल देवकर
बुरहानपुर जिले के आदिवासी विकासखंड खकनार की ग्राम पंचायत नागझिरी की महिलाएं और ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में अनोखे अंदाज में पहुंचे। हाथों में फावड़ा, गैती और आईना लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने पंचायत और राशन दुकान संचालक पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में ना तो मनरेगा के तहत रोजगार दिया जा रहा है और ना ही गरीबों को पूरा राशन मिल रहा है। मजबूरी में ग्रामीणों को रोजगार के लिए पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र पलायन करना पड़ रहा है।ग्रामीण महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव में संचालित शासकीय राशन दुकान पर बड़ा खेल चल रहा है। राशन दुकान संचालक दो महीने के राशन के नाम पर अंगूठा लगवा लेता है, लेकिन एक महीने का ही राशन देता है। कई हितग्राहियों को महीनों से राशन तक नहीं मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि गरीबों के लिए सरकार द्वारा भेजा गया मुफ्त अनाज खुलेआम कालाबाजारी में बेचा जा रहा है।जनसुनवाई में पहुंची महिलाओं ने प्रशासन को आईना दिखाने के लिए सांकेतिक रूप से आईना भी साथ लाया। उनका कहना था कि प्रशासन अब गांव की जमीनी हकीकत देखे और गरीबों की परेशानी समझे।वहीं ग्रामीणों ने पंचायत पर मनरेगा योजना में रोजगार नहीं देने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में काम नहीं मिलने से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। मजदूरी की तलाश में लोगों को महाराष्ट्र पलायन करना पड़ रहा है। हाथों में फावड़ा और गैती लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि यदि गांव में रोजगार मिलता तो उन्हें अपना घर और गांव छोड़ने की नौबत नहीं आती।ग्रामीणों की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। जिला आपूर्ति अधिकारी अर्चना नागपुरे का कहना है कि राशन वितरण में गड़बड़ी की शिकायत मिली है, जिसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
